लड़कियों गोरखपुर की श्रुति की तरह हिम्मत दिखाओ, लोग मदद के लिए आगे आएँगे

ये कहानी है गोरखपुर की श्रुति की। जिसके घरवाले मर्जी के खिलाफ जबरन शादी कर रहे थे। मगर उसने हिम्मत नहीं हारी। कोई बस नही चला तो अपनी कहानी सोशल मीडिया पर डाल दी। मदद के लिए आगे आईं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट प्रज्ञा परिजात सिंह और मेरा रंग संस्था की संचालक शालिनी श्रीनेत। शादी से दो दिन पहले प्रशासन ने उसकी शादी रोक दी। आगे की कहानी आप खुद पढि़ये –

बात सिर्फ डरा-धमकाकर शादी करने की होती तो गनीमत था, वह अभी बालिग भी नहीं थी। यानी शादी की कानूनन उम्र नहीं हुई थी। जिस व्यक्ति के उसकी शादी हो रही थी, वह उससे उम्र में 10 साल बड़ा बताया जा रहा था। पुलिस भी मामले को रफा-दफा करने जा रही थी।

मगर श्रृति ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो और लेटर शेयर किया और उसके माध्‍यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाई। श्रृति ने गोरखपुर के शाहपुर थाने के एसएचओ को पत्र भी लिखा था। उसने लिखा था, ”मेरी मां ने मेरी शादी कराने के लिए मुझे प्राइवेट फॉर्म भरवाकर इंटर तक करा दिया। इन्‍होंने मेरी बड़ी बहन के साथ भी जबरदस्‍ती की वो भी पढ़ना चाहती थी, लेकिन उसे भी पढ़ने नहीं दिया गया। हमारे घर में कम उम्र में शादी करा देते हैं ताकि जिम्‍मेदारी खत्‍म हो जाए। इसी वजह से मेरी 17 साल की बहन ने आत्‍महत्‍या कर ली थी। अब ये लोग मेरे साथ भी यही कर रहे हैं। मैंने बहुत प्रयास किया इस शादी को रोकने का।”

उसने लिखा, ”ये लोग मुझे मार डालने की धमकी देते हैं। मैं जब भी शादी से मना करती हूं, मेरे चाचा के लड़के विवेक पांडेय मुझे बहुत मारते हैं। मुझे शादी नहीं करनी, मुझे पढ़ना है। अभी आगे मेरी पूरी जिंदगी पड़ी है। मुझे ये शादी किसी भी कीमत पर नहीं करनी है।”  उसने वीडियो के जरिए अपनी पूरी बात कही और प्रज्ञा परिजात ने उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। यह रहा वो वीडियो –

फेसबुक पर शेयर किया गया वीडियो मेरा रंग की संचालक शालिनी श्रीनेत तक पहुँचा। उन्होंने प्रज्ञा से बात की और तय हुआ कि यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोनो गोरखपुर जाकर यह पूरा मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में लाएंगी। इस बीच शालिनी ने गोरखपुर में मेरा रंग की टीम और अन्य स्वयंसेवी संगठनों को मामले से अवगत कराया।

वहीं प्रज्ञा भी अपने स्तर पर इस पूरे मामले की पड़ताल करती रहीं। आखिर उन्हें यह पता करने में सफलता हासिल हो गई कि श्रुति नाबालिग है। इसकी जानकारी उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दी। उन्होेंने लिखा –

श्रुति पांडेय का जन्म प्रमाण पत्र निकलवाया तो पता चला है की उनकी उम्र अभी भी 17 saal hai ! She completed her 17 years on 26-11-2018 and is thus a minor . This marriage is now in complete violation of Prevention of child marriage act 2006 as the marriageable age in India for girls is still 18 years. Also according to section 9 of the act, there is a punishment for male adult marrying the child and in this case the groom being 27years of age (as told) was very we’ll aware about the fact that shruti didn’t wanted to get married ab initio and that she is also a minor. 

उन्होंने बताया, ”मैंने अपने स्‍तर से लोगों से बात की। गोरखपुर के डीएम से भी बात की, लेकिन जब कहीं से कुछ नहीं हुआ तो मैंने श्रृति का लैटर और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और पुलिस श्रृति के घर पहुंची, लेकिन उसके मम्‍मी ने उन्‍हें समझाकर वापस भेज दिया।” प्रज्ञा पारिजात ने बताया, ”पुलिस भी पहले सहयोग नहीं कर रही थी। लेकिन जब दबाव बढ़ा तो इस मामले में कार्रवाई हुई।” इस बात के पर्याप्त सबूत मिल गए कि लड़की नाबालिग है।  फिलहाल श्रृति की शादी रोक दी गई है।

पाँच मिनट पहले ये अवगत कराया गया है ! Finally taking her to a mahila thana after repeated requests. Expecting a fair…

Posted by Pragya Parijat Singh on Monday, December 10, 2018

इस मामले में बंटी त्रिपाठी की भी अहम भूमिका रही। उन्होंने प्रज्ञा की पोस्ट और वीडियो को अपने कई साथियों को शेयर किया। इस पूरे मामले पर उन्होंने अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है –

इधर लड़की की माँ ने प्रज्ञा जी को धमकाया और लड़की पर दबाव बनाकर बयान बदलवाया, साथ ही साथ Shalini जी भी लोकल सोर्स से बात करके पेपर में इसकी कहानी निकलवायी। इधर प्रज्ञा जी ने लड़की के डॉक्यूमेंट निकलवाये तो उसमें उसकी उम्र 17 वर्ष निकली तो अब प्रज्ञा जी खुद से उसकी शादी रुकवाने के लिए कंप्लेंट कर रही है। साथ ही शालिनी जी भी लगातार गोरखपुर में अपने सोर्सेस से बात करके इस लड़की को बचाने में लगी हैं।

आज सुबह मैंने Ashutosh और मुबारक को स्टोरी के बारे में बताया तो ऑडनारी ने भी ये स्टोरी लिखी आप पूरी डिटेल इस स्टोरी के लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं। यहाँ फेसबुक पर जो आकर कहतें हैं कि हमारे यहाँ ऐसा नही होता या अब समय बदल गया है, लड़कियों के साथ अब पहले जैसा व्यवहार नही किया जाता, अब उनको बराबर अधिकार मिल रहे। वो एक बार श्रुति की कहानी जरूर पढ़ ले। श्रुति ने इतनी हिम्मत दिखाई, जरा सोचिए ना जाने श्रुति या उसकी बड़ी बहन जैसी कितनी होनहार लड़कियों को ये समाज निगल गया है। अभी 2 दिन पहले ही एक आई ए एस की बेटी ने जबरदस्ती शादी कराए जाने पर आत्महत्या की।

शादी रोके जाने की खबर पर शालिनी श्रीनेत अपनी फेसबुक वॉल पर लिखती हैं-

हमारे भारत में आज भी कम उम्र में लड़कियां ब्याह दी जाती हैं। चाहे भले वो उनकी मर्जी के खिलाफ हो और वो उसके बाद सुसाइड कर लें या घुट-घुटकर जियें। इधर लगातार तीन दिन से एक केस से हम जुड़े रहे, जो प्रज्ञा द्वारा मुझ तक पहुंचा था। अंततः यह पता लग गया कि लड़की जिसका नाम श्रुति पांडेय है, नाबालिग है। अभी उसकी उम्र नवंबर में 17 साल पूरी हुई है। उसके घर वाले इस लड़की पर शादी के लिए दबाव डाल रहे थे।

हालांकि प्रज्ञा और कुछ पुलिस अफसरों के प्रयास से श्रुति का जन्म प्रमाणपत्र उनके विद्यालय से प्राप्त कर लिया गया है, जो कि शादी रुकवाने के लिए पर्याप्त है। इसकी जानकारी शाहपुर थाना और चित्रकूट थाने (जहां से लड़की की शादी होने वाली थी) तक पहुंचा दी गई है। इसके बाद भी अगर शादी होती है तो कानूनन जुर्म होने के नाते परिवार वाले जेल जाएंगे। शादी की तारीख 15 दिसंबर रखी गई है। उम्मीद तो है कि परिवार वाले अब शादी नहीं करेंगे पर अभी तक जो उन्होंने किया है, उससे भरोसा उठ गया है।

हो सकता है कि जोर-जबरदस्ती करके श्रुति की शादी करा दी जाए। इसके बाद हम कोई ऐक्शन हम लें इससे अच्छा है कि हम सब शादी ही न होने दें। अगर आप दोस्त श्रुति की मदद करना चाहते हैं तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाएं ताकि श्रुति की मदद हो सके। इस तरह श्रुति की मदद करके एक श्रुति की नहीं हजारों लड़कियों के लिए रास्ते खोले जा सकते हैं। उन सभी दोस्तों का शुक्रिया जिन्होंने मदद की है, सभी का नाम नहीं दे सकती, नहीं तो पोस्ट बहुत लंबी हो जाएगी।

नोटः इस केस की पूरी डिटेल मेरी फेसबुक वॉल पर मौजूद है, आप देख सकते हैं।

प्रज्ञा अपनी फेसबुक वॉल पर लिखती हैं –

हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं था , कभी कभी मजबूरन करना पड़ता है !
बधाई हो आप सबको , श्रुति पांडेय की शादी रोक दी गयी है । ये बेहद ही ओवर्वेल्मिंग मोमेंट है मेरे लिए । जो श्रुति पास होती तो गले लगाकर रो जाती शायद।
कड़ी में जुड़े हर उस इंसान का शुक्रिया जिसने ये कु कृत्य होने से रोका। हर वो बेटी जो सपना देखे उसे पूरा kijiye ….एक भी बेटी को बचा पाए तो देश आगे समृद्ध ओर सफल होगा ।

Thank you everyone ! Shruti’s marriage has been called off ! ❤️

वहीं बंटी त्रिपाठी ने लिखा है –

कल गोरखपुर की जिस लड़की के बारे में लिखा था, आज एक अच्छी खबर आई है कि श्रुति की शादी रुकवा दी गयी है उसकी शादी 15 दिसम्बर को तय थी जो अब नही होगी।
यकीनन ये पहल भर है, पर सलाम है श्रुति अपने हक के लिए बराबर डटी रही।
Pragya Parijat जी ने जिस तरह इस लड़की के लिए सब कुछ किया वो वाकई काबिल-ए-तारीफ़ है। साथ ही साथ Shalini जी और मेरा रंग का सहयोग इस लड़ाई में काम आया।
हक़ की ये लड़ाई बस श्रुति, प्रज्ञा जी और शालिनी जी की नही है ये हर उन लड़कियों की है जिनपर समाज दबाव डालकर उनसे उनकी ज़िंदगी छीन रहा, यकीनन ये लड़की सबके लिए एक मिसाल बनेगी
सलाम सभी दोस्तों को भी ❤️

 

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